करीब 100 मीटर पैदल चलने के बाद दर्द बढ़ने पर वाहन से हुए रवाना, कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार पैदल मार्च करते रहे; पुनर्वास की मांग को लेकर राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन
रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित 14 किलोमीटर लंबी “नकटी न्याय पदयात्रा” के दौरान एक अलग तस्वीर सामने आई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पदयात्रा शुरू होने के बाद करीब 100 मीटर ही पैदल चल सके। इसके बाद पैर में दर्द बढ़ने और पुरानी मोच उभर आने का हवाला देते हुए वे बीच रास्ते कार से राजभवन के लिए रवाना हो गए। वहीं कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवार पैदल मार्च जारी रखते हुए राजभवन की ओर बढ़ते रहे।
14 किलोमीटर पदयात्रा का था ऐलान
प्रदेश कांग्रेस ने नकटी गांव से राजभवन तक करीब 14 किलोमीटर की पदयात्रा का आह्वान किया था। यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार शामिल हुए। कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने और गांव में ही पुनर्वास की मांग को लेकर आयोजित की गई।
100 मीटर बाद कार में हुए सवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पदयात्रा शुरू होने के कुछ ही देर बाद दीपक बैज ने पैदल चलना बंद कर दिया और वाहन में सवार होकर राजभवन की ओर रवाना हो गए। कांग्रेस की ओर से बताया गया कि उनके पैर में पहले से मोच थी, जो यात्रा के दौरान बढ़ गई। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें वाहन का सहारा लेना पड़ा।
कार्यकर्ता और प्रभावित परिवार पैदल बढ़ते रहे
प्रदेश अध्यक्ष के वाहन से रवाना होने के बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेता और प्रभावित परिवार पैदल मार्च जारी रखते रहे। यात्रा के दौरान महिलाओं ने “नकटी में ही घर बनाकर दो” के नारे लगाए और सरकार से गांव में ही पुनर्वास की मांग दोहराई।
राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। समय मिलने पर नकटी गांव के प्रभावित परिवारों की ओर से ज्ञापन सौंपकर पुनर्वास, मुआवजा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
राजनीतिक चर्चा का विषय बनी पदयात्रा
14 किलोमीटर की पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का शुरुआती दूरी के बाद ही वाहन से राजभवन रवाना होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस ने इसे स्वास्थ्य संबंधी मजबूरी बताया है, जबकि इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।






