रायपुर। सियासत में जीत का दावा और जनता के बीच भरोसा, दोनों अलग-अलग बातें हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यही संदेश देने की कोशिश की है। चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर की मांग उठाने वाली कांग्रेस को बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी सफलता नहीं मिली। कर्नाटक में अपनी सरकार होने के बावजूद पार्टी का एक भी सीट नहीं जीत पाना उनके हमले का प्रमुख आधार रहा।
हार के बाद बहाने नहीं, आत्ममंथन करे कांग्रेस : साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनावों में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी।
साय ने खास तौर पर कर्नाटक का जिक्र किया, जहां कांग्रेस की सरकार है, लेकिन पार्टी एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस अब इस हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएगी।
EVM हो या बैलेट पेपर, मतदाता का भरोसा जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि चुनावी सफलता का आधार जनता का विश्वास है। उनके अनुसार, मतदान की पद्धति चाहे कोई भी हो, केवल आरोप लगाने और राजनीतिक शोर-शराबा करने से जीत हासिल नहीं की जा सकती। उन्होंने कांग्रेस को अपनी चुनावी विफलताओं पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।
साय की टिप्पणी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस को चर्चा में ला दिया है। मुख्यमंत्री का संदेश कांग्रेस के लिए सीधा राजनीतिक सवाल है — यदि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली, तो पार्टी को अपनी रणनीति और जनसमर्थन की समीक्षा क्यों नहीं करनी चाहिए?






