रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों की ओर अग्रसर कर रही है। उन्होंने कहा कि खनिज प्रबंधन, डिजिटल अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधार जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और राजस्व वृद्धि के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू कर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। अब तक जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनका लाभ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचा है। इसके साथ ही खनिज ब्लॉकों की पारदर्शी नीलामी, लीथियम जैसे रणनीतिक खनिजों के विकास और नई रेत नीति के जरिए खनिज क्षेत्र में सुधार की दिशा में प्रभावी पहल की गई है। अवैध खनन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल अधोसंरचना के विस्तार के लिए दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। वहीं, भारतनेट फेज-3.0 के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या का समाधान किया गया है। वहीं आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के अधिकांश परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 528 शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा ई-डिस्ट्रिक्ट, ऑटो म्यूटेशन, मॉडल स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 435 प्रशासनिक सुधार लागू किए जा चुके हैं, जिससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को भी समान प्राथमिकता दे रही है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रदेश में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिली है।
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और भरोसे के साथ राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी।






