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मां के सम्मान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दो टूक, कविता के जरिए दिया संस्कारों का संदेश

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रायपुर | 21 सितंबर 2026 मां के सम्मान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने मां को ममता, करुणा और जीवन का आधार बताते हुए एक भावपूर्ण वीडियो पोस्ट किया। मुख्यमंत्री के संदेश में किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम नहीं है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में उनकी पोस्ट चर्चा में आ गई है।


“माँ है ममता, माँ है करुणा, माँ जीवन का आधार है,
माँ के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है।
माँ का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा,
माँ का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा।”

सोशल मीडिया पोस्ट में मां की महिमा का जिक्र

मुख्यमंत्री ने मां की महिमा पर केंद्रित एक वीडियो साझा करते हुए कविता की इन पंक्तियों के माध्यम से मां के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की। पोस्ट में मां को जीवन की बुनियाद और संस्कारों का स्रोत बताया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की मां पर केंद्रित प्रसिद्ध काव्य रचना का वीडियो भी साझा किया। रचना में मां के त्याग, वात्सल्य और संतान के जीवन में उनके महत्व को भावनात्मक रूप से सामने रखा गया है।

ममता

मां को जीवन में प्रेम और वात्सल्य का आधार बताया गया।

संस्कार

मां के सम्मान को भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा गया।

मर्यादा

संदेश में मां के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर है।

इंदौर के कार्यक्रम के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा

मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की एक कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी।

प्रस्तुति के एक हिस्से में प्रधानमंत्री से जुड़े एक सार्वजनिक कार्यक्रम के प्रसंग को भी शामिल किया गया था। इसके बाद भाजपा नेताओं की ओर से प्रस्तुति पर आपत्ति जताई गई और मां तथा मातृशक्ति के सम्मान का मुद्दा उठाया गया।

नाम लिए बिना अपनी बात रखी

मुख्यमंत्री साय ने अपनी पोस्ट में किसी राजनीतिक व्यक्ति का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया। उन्होंने सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय मां के सम्मान को संदेश का केंद्र बनाया। यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम के बीच उनकी पोस्ट को राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

“मां का सम्मान, संस्कारों की पहचान”
मुख्यमंत्री के संदेश का केंद्रीय भाव

संदेश का केंद्र मां और उनके प्रति सम्मान

मुख्यमंत्री की पोस्ट का मूल भाव मां के प्रति सम्मान और संवेदना से जुड़ा है। कविता की पंक्तियों में मां को ममता, करुणा और जीवन का आधार बताया गया है। साथ ही यह संदेश दिया गया है कि मतभेद चाहे किसी भी स्तर पर हों, मां के सम्मान की मर्यादा को बनाए रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और कविता के माध्यम से मुख्यमंत्री ने मां के त्याग और स्नेह को रेखांकित करते हुए इसे भारतीय संस्कारों से जोड़ा है। इंदौर की घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच यह संदेश अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

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