बिलासपुर, 20 जुलाई 2026। बिलासपुर केंद्रीय जेल में नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहे एक बंदी की सोमवार को मौत हो गई। बंदी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान प्रभु कुमार मनहर निवासी ग्राम विद्याडीह टांगर, थाना पचपेड़ी के रूप में हुई है। वह नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया था तथा उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह बिलासपुर केंद्रीय जेल में निरुद्ध था।
जेल प्रशासन के अनुसार, प्रभु कुमार मनहर पिछले कई दिनों से अस्वस्थ था और उसका उपचार केंद्रीय जेल अस्पताल में किया जा रहा था। सोमवार को अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। तत्काल उसे सिम्स अस्पताल के लिए रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2024 को आरोपी ने एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। परिजनों की शिकायत पर पचपेड़ी थाना में अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना और न्यायालयीन सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन सक्रिय हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा नियमानुसार मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।






