नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में वांगचुक ने जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो भी मौजूद रहीं।
सरकार की ओर से वांगचुक को कई अहम आश्वासन दिए गए। इनमें संसद मार्च और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने, पेपर लीक और शिक्षा सुधार पर संसद में व्यापक चर्चा कराने, तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने जैसे बिंदु शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से जारी आश्वासन पत्र भी पढ़कर सुनाया।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वांगचुक के स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। वहीं, प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोकने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया विधेयक जल्द संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के मसौदे पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और इसे अगले सप्ताह संसद में पेश करने की तैयारी है।
अनशन समाप्त करने से पहले सोनम वांगचुक ने आंदोलन का समर्थन कर रहे छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका रास्ता केवल शांति और अहिंसा है।
वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एंग्मो ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अनुशासन, सेवा और एकजुटता की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे की मदद की, स्वच्छता बनाए रखी, बुजुर्गों का सम्मान किया और भारी उकसावे के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा।
सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बनी सहमति के बाद 26 दिनों से जारी यह भूख हड़ताल समाप्त हो गई है। अब देश की नजरें संसद में प्रस्तावित पेपर लीक विरोधी विधेयक और शिक्षा सुधारों पर होने वाली चर्चा पर टिकी हैं।






